कवर्धा: शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान अभ्युदय स्कूल, कवर्धा की होनहार छात्रा आरोही श्रीवास ने प्रतिभा, दृढ़ संकल्प, अनुशासन और अथक परिश्रम का स्वर्णिम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए 14वीं सब-जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप 2026-27 में शानदार प्रदर्शन करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल अभ्युदय स्कूल, कबीरधाम जिला एवं छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश में विद्यालय का गौरव बढ़ा है।यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता 25 से 28 जून 2026 तक नासिक (महाराष्ट्र) में आयोजित हुई, जिसमें देशभर के विभिन्न राज्यों के उत्कृष्ट खिलाड़ियों ने भाग लिया। 44 से 46 किलोग्राम भार वर्ग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए आरोही ने अपने सभी मुकाबलों में उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अद्भुत आत्मविश्वास, अनुशासित खेल
भावना, धैर्य एवं अदम्य साहस का परिचय दिया तथा स्वर्ण पदक पर अपना अधिकार स्थापित किया।गौरतलब हो कि आरोही श्रीवास ने अपनी इस राष्ट्रीय सफलता की मजबूत नींव तृतीय छत्तीसगढ़ राज्य पेंचक सिलाट चैंपियनशिप–2026 में रखी थी। यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 14 एवं 15 मई 2026 को बिलासपुर में आयोजित हुई थी, जिसमें उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर स्वर्ण पदक अर्जित किया था। इसी शानदार उपलब्धि के आधार पर उनका चयन 14वीं सब-जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ टीम में हुआ। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट तकनीकी कौशल, अनुशासित खेल भावना, अदम्य साहस एवं आत्मविश्वास का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपने चयन को सार्थक सिद्ध किया, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ एवं अभ्युदय स्कूल का नाम राष्ट्रीय पटल पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित कर दिया।आरोही की यह ऐतिहासिक सफलता उनके वर्षों के कठिन परिश्रम, प्रशिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन,
अभिभावकों के विश्वास तथा अभ्युदय स्कूल द्वारा खेल प्रतिभाओं को दिए जा रहे सतत प्रोत्साहन का स्वर्णिम प्रतिफल है। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, अभिभावकों एवं जिलेवासियों में हर्ष, गर्व एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है।
विद्यालय के प्राचार्य श्री तोरण साहू जी ने आरोही को राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा, “आरोही श्रीवास की यह ऐतिहासिक उपलब्धि अभ्युदय स्कूल, कबीरधाम जिले एवं संपूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त करना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि वर्षों के कठिन परिश्रम, अनुशासन,
आत्मविश्वास, निरंतर अभ्यास तथा उत्कृष्ट मार्गदर्शन का स्वर्णिम प्रतिफल है। आरोही ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, संकल्प अटूट हो और प्रयास निरंतर हों, तो कोई भी मंज़िल असंभव नहीं रहती। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता ने विद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य का मस्तक गर्व से ऊँचा कर दिया है। हमें विश्वास है कि यह स्वर्णिम विजय विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बनेगी और वे भी शिक्षा, खेल एवं जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ेंगे। मैं आरोही, उनके अभिभावकों, प्रशिक्षकों तथा विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को इस अविस्मरणीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ तथा उनके
उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करता हूँ।”तत्पश्चात विद्यालय की अकादमिक प्रमुख श्रीमती वी. शोभा जी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “आरोही की राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम सफलता हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि समर्पण, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक मार्गदर्शन से राष्ट्रीय स्तर पर भी सर्वोच्च सफलता प्राप्त की जा सकती है। हमें विश्वास है कि उनकी यह उपलब्धि विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी में आत्मविश्वास, लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट प्रदर्शन का नया उत्साह जगाएगी।”अंत में विद्यालय प्रबंधन ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, “अभ्युदय स्कूल सदैव विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने, उन्हें उचित मंच प्रदान करने तथा शिक्षा के साथ खेल, संस्कृति और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आरोही श्रीवास की राष्ट्रीय स्वर्णिम विजय विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण, समर्पित
प्रशिक्षकों एवं निरंतर प्रोत्साहन का उत्कृष्ट परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल अभ्युदय परिवार बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। हमें पूर्ण विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए देश और प्रदेश का नाम निरंतर गौरवान्वित करते रहेंगे।”

