
कवर्धा:नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान अभ्युदय स्कूल, कवर्धा द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय कार्यप्रणाली और नेतृत्व के व्यावहारिक अनुभव से परिचित कराने के उद्देश्य से 22 अगस्त 2026 को विद्यालय परिसर में “Youth Parliament 2.0” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी बात रखने, प्रश्न पूछने, तर्क प्रस्तुत करने तथा सामूहिक निर्णय लेने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया।इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, तार्किक एवं आलोचनात्मक चिंतन, प्रभावी अभिव्यक्ति, निर्णय लेने की क्षमता तथा जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना रहा। विद्यार्थियों को वास्तविक संसदीय वातावरण का अनुभव कराते हुए यह समझाने का प्रयास किया गया कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद, विचार-विमर्श, प्रश्न, उत्तरदायित्व और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का भी नाम है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय सियाराम साहू जी, पूर्व विधायक, कवर्धा, निर्णायकगण सुधीर केसरवानी जी (शिक्षक सामाजिक विज्ञान, केंद्रीय विद्यालय) एवं दिनेश ठाकुर जी (सदस्य एबीवीपी), विद्यालय के प्राचार्य तोरण साहू जी, उपप्राचार्य फजलुर रहमान खान जी, शिक्षकगण तथा विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागी विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में जेएनवी, गुरुकुल, आर.पी.एस., डीपीएस, होली किंगडम एवं अभ्युदय स्कूल सहित छह विद्यालयों ने सहभागिता की।यूथ पार्लियामेंट 2.0 का शुभारंभ अतिथियों के आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। इसके पश्चात गुरुकुल स्कूल के विद्यार्थी ने सदन के अध्यक्ष (स्पीकर) की भूमिका निभाते हुए सदन को संबोधित किया और संसदीय कार्यवाही का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने सदन की कार्यप्रणाली, अनुशासन एवं संसदीय मर्यादाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया। उनके संबोधन के साथ ही विद्यार्थियों ने संसदीय प्रक्रिया एवं लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।इसके बाद विद्यालय के *प्राचार्य श्री तोरण साहू जी* ने स्वागत उद्बोधन देते हुए सभी अतिथियों, निर्णायकों, शिक्षकगण एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज सदन में आप सभी को आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी भूमिकाओं का निर्वहन करते देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि “विकसित भारत @2047 की बात करते समय हमें यह भी सोचना होगा कि उस भारत के निर्माण में मेरा योगदान क्या होगा? मैं देश के लिए क्या करूँगा?” उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी केवल भविष्य के नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान से ही राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली युवा शक्ति हैं।उन्होंने आगे कहा, “जब आप सभी माननीय सदस्य एक साथ खड़े हुए और सदन की गरिमा का परिचय दिया, वह दृश्य देखकर सचमुच मेरे रोंगटे खड़े हो गए। आप सभी को इस रूप में देखकर अत्यंत गर्व हो रहा है।”अंत में उन्होंने अभ्युदय परिवार की ओर से सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का यह युवा संसद विद्यार्थियों में नेतृत्व, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करेगा।कार्यक्रम में *सामाजिक विज्ञान विभाग की विभागध्यक्ष महोदया श्रीमती समृद्धि चौबे* ने प्रतिभागियों को यूथ पार्लियामेंट के नियमों, संसदीय प्रक्रियाओं तथा विभिन्न सत्रों के संचालन की जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रतिभागियों को सदन की मर्यादा, प्रश्न पूछने की प्रक्रिया एवं चर्चा के दौरान अपनाए जाने वाले संसदीय व्यवहार से अवगत कराया।गौरतलब हो कि यह पूरा आयोजन विद्यालय के सामाजिक विज्ञान विभाग के तत्वावधान में आयोजित किया गया।इसके बाद कार्यक्रम के महत्वपूर्ण चरण निर्वाचन क्षेत्र संबोधन सत्र (Constituency Address Session) में प्रत्येक विद्यालय के तीन प्रतिभागी विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत @2047’ विषय पर 90 सेकंड की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने राष्ट्र के विकास, युवा शक्ति, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं राष्ट्रनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार अत्यंत आत्मविश्वास, स्पष्टता एवं प्रभावशाली अभिव्यक्ति के साथ सदन के समक्ष प्रस्तुत किए। अल्प समय में विचारों की सारगर्भित प्रस्तुति ने विद्यार्थियों की विषय-समझ, आत्मविश्वास एवं वक्तृत्व-कौशल को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया।यूथ पार्लियामेंट 2.0 को केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को वास्तविक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनुभव कराने के लिए उन्हें स्वयं राजनीतिक दल का नाम, प्रतीक-चिह्न, ध्येय-वाक्य एवं घोषणापत्र तैयार करने का अवसर दिया गया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच, सामूहिक प्रयास एवं संगठनात्मक क्षमता का परिचय देते हुए अपने दलों को विशिष्ट पहचान प्रदान की।इसके पश्चात आयोजित प्रश्नकाल में सत्तापक्ष एवं विपक्ष के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं संसदीय मर्यादा के साथ सहभागिता की। प्रश्नों, उत्तरों, प्रतिप्रश्नों एवं तर्कपूर्ण विचार-विमर्श के माध्यम से विद्यार्थियों ने सदन को जीवंत बना दिया। विशेष आकर्षण यह रहा कि सत्तापक्ष एवं विपक्ष का गठन विद्यार्थियों ने स्वयं आपसी चर्चा एवं विचार-विमर्श के माध्यम से किया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों में नेतृत्व, निर्णय-क्षमता, संवाद-कौशल, सहमति निर्माण एवं लोकतांत्रिक सोच को और अधिक सुदृढ़ किया।संपूर्ण आयोजन में विद्यार्थियों का उत्साह, आत्मविश्वास एवं सक्रिय सहभागिता देखते ही बनी। यूथ पार्लियामेंट 2.0 ने विद्यार्थियों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने, असहमति को सम्मानपूर्वक व्यक्त करने, प्रश्न करने, तर्क प्रस्तुत करने तथा सामूहिक निर्णय लेने का व्यावहारिक अवसर प्रदान किया। इस प्रकार यह आयोजन ‘युवा सोच, सशक्त नेतृत्व और विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने वाली एक सार्थक एवं प्रेरणादायी पहल बनकर उभरा।कार्यक्रम के अतिथि एवं निर्णायक मंडल के सदस्य दिनेश ठाकुर जी* ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को देश की विकास यात्रा, वैज्ञानिक उपलब्धियों और युवा शक्ति की महत्ता से अवगत कराया। उन्होंने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित होने वाले उपग्रहों तथा देश की वैज्ञानिक प्रगति की चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत ने विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में निरंतर नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं और आज हमारा देश विश्व पटल पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। ठाकुर ने कोरोना महामारी के कठिन दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट की उस घड़ी में भी भारत ने अपनी क्षमता, आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक सामर्थ्य का परिचय दिया। कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में भारत की सफलता ने यह सिद्ध किया कि देश किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवाओं में जिस प्रकार का आत्मविश्वास, ऊर्जा, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता दिखाई दे रही है, उसे देखकर ऐसा लगता है कि भारत को विकसित राष्ट्र बनने के लिए वर्ष 2047 तक प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि यदि यही युवा शक्ति इसी उत्साह और संकल्प के साथ आगे बढ़ती रही तो भारत वर्ष 2030 तक ही विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “आज के बच्चे कॉकरोच नहीं, बल्कि शेर हैं।” उनके इस प्रेरणादायी कथन ने विद्यार्थियों में जोश और आत्मविश्वास का संचार किया।इसके बाद *मुख्य अतिथि सियाराम साहू जी* ने भारत माता और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि आज यहाँ पक्ष और विपक्ष की भूमिका में विद्यार्थियों को देखकर ऐसा लग रहा है कि मैं अभ्युदय विद्यालय में नहीं, बल्कि वास्तव में संसद भवन में उपस्थित हूँ। विद्यार्थियों ने जिस आत्मविश्वास और प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखी, वह प्रशंसनीय है।उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा चुने गए पर्यटन, सड़क, शिक्षा और ‘विकसित भारत @2047’ जैसे प्रासंगिक विषयों की सराहना करते हुए कहा कि ये विषय देश के भविष्य और विकास से सीधे जुड़े हुए हैं। वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाकर विश्वगुरु की दिशा में आगे बढ़ाना हम सभी का संकल्प होना चाहिए। साहू जी ने इस प्रकार के आयोजन को अत्यंत सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने, देश और समाज से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं पर विचार करने तथा उनके समाधान के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का अवसर मिलता है। अभ्युदय विद्यालय विद्यार्थियों को केवल शिक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी निरंतर अग्रसर है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व एवं नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच, आत्मविश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित होती है। आज के यही विद्यार्थी कल भारत के नेतृत्वकर्ता बनेंगे।इसके पश्चात *अकादमिक प्रमुख व्ही. शोभा जी* ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, तर्कशक्ति एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर सीखने, आगे बढ़ने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।साथ ही *विद्यालय प्रबंधन* की ओर से अपने संदेश में विद्यार्थियों के उत्साह, प्रतिभा एवं प्रयासों की सराहना करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं आयोजन समिति को शुभकामनाएँ दी गईं। प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय सहभागिता के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। उपस्थित अतिथियों एवं निर्णायकों को विद्यालय परिवार की ओर से सम्मान एवं कृतज्ञता के प्रतीक स्वरूप Token of Love भेंट किया गया।अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की गई। इस प्रकार कार्यक्रम उत्साह, ज्ञान और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणादायी भावना के साथ संपन्न हुआ।

