
कवर्धा, 26 अगस्त 2026। कवर्धा जिले में आदिवासी समाज की भूमि के गैर-आदिवासी व्यक्तियों के नाम हस्तांतरण/बिक्री से संबंधित प्रकरणों को लेकर जिला गोंड समाज सेवा समिति एवं समस्त आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल द्वारा दुर्ग संभागायुक्त कार्यालय पहुंचकर संभागायुक्त महोदय के नाम आवेदन सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल में ईश्वरी धुर्वे सहित बिहारी धुर्वे, मनोहर धुर्वे, कार्तिक मरकाम, पप्पू धुर्वे, भुनेश्वर कुमार धुर्वे, गज्जू धुर्वे, पंकज धुर्वे एवं अन्य सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।
आवेदन में बताया गया कि कवर्धा जिले में आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासी व्यक्तियों के नाम हस्तांतरण/बिक्री की अनुमति से संबंधित लगभग 175 आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। इनमें से लगभग 15 प्रकरणों को कलेक्टर कार्यालय, जिला कबीरधाम द्वारा निरस्त कर संभागायुक्त कार्यालय भेजे जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। इन प्रकरणों में लगभग 60 से 70 एकड़ आदिवासी भूमि प्रभावित होने की आशंका है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि सभी संबंधित प्रकरणों में पूर्ण एवं निष्पक्ष जांच होने तक भूमि हस्तांतरण/बिक्री की अनुमति पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी आदिवासी परिवार की भूमि दबाव, छल-कपट अथवा अनुचित तरीके से गैर-आदिवासियों के नाम हस्तांतरित न हो।
ईश्वरी धुर्वे ने कहा कि आदिवासी समाज किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं है। हमारा उद्देश्य आदिवासी समाज की जमीन, अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि यदि संबंधित प्रकरणों में तत्काल रोक लगाकर निष्पक्ष जांच नहीं की गई और आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी, तो आने वाले समय में आदिवासी समाज लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने संभागायुक्त महोदय से मामले की गंभीरता को देखते हुए 60–70 एकड़ संभावित आदिवासी भूमि के हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों पर तत्काल रोक लगाकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

