कवर्धा: दीपों की जगमगाहट, रंगों की खूबसूरती, नन्हे हाथों की रचनात्मकता और अपनों के साथ खुशियाँ बाँटने का उत्साह—कुछ ऐसा ही मनमोहक दृश्य अभ्युदय स्कूल, कवर्धा में देखने को मिला, जहाँ 5 नवंबर 2026 को दीपावली उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास एवं पारंपरिक उमंग के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर दीपावली की सजावट, रंग-बिरंगी कलाकृतियों और उत्सवी वातावरण से जगमगा उठा। विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को और भी खास एवं यादगार बना दिया।इस खास उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के महत्व से परिचित कराना तथा उनमें रचनात्मकता,
कलात्मक अभिरुचि, आत्मविश्वास, सहयोग एवं व्यावहारिक कौशल का विकास करना रहा। साथ ही, अभिभावकों को विद्यालय की गतिविधियों से जोड़कर बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और विद्यालय एवं परिवार के बीच आत्मीय संबंधों को मजबूत बनाने का प्रयास किया गया।कार्यक्रम में उपस्थिति अभिभावकों ने भी पूरे उत्साह के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। बच्चों की प्रतिभा को नजदीक से देखने और उनकी रचनात्मक गतिविधियों का हिस्सा बनने के लिए अभिभावकों की उपस्थिति ने आयोजन को पारिवारिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।इस पावन पर्व के अवसर पर में विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों एवं अभिभावकों दोनों ही के लिए जहाँ एक ओर रंगोली निर्माण, दीया सजावट, मिट्टी से
लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति निर्माण, तोरण निर्माण, दीप एवं दीवार सजावट, मेहंदी, पेंटिंग, गुलदस्ता निर्माण, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट और डिजिटल कार्ड मेकिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। वहीं फैंसी ड्रेस एवं रैंप वॉक, नृत्य और गायन ने सांस्कृतिक रंग बिखेरे। फायरलेस कुकिंग और नेल आर्ट जैसी रोचक गतिविधियों ने भी विद्यार्थियों की विशेष रुचि आकर्षित की।विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए आकर्षक रंगोलियाँ बनाईं, दीयों को सुंदर रूप दिया तथा विभिन्न सजावटी वस्तुओं का निर्माण किया। मिट्टी से निर्मित लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं और पारंपरिक सजावट ने भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। फैंसी ड्रेस एवं रैंप वॉक में विद्यार्थियों का
आत्मविश्वास देखते ही बना, वहीं नृत्य और गायन की प्रस्तुतियों ने उत्सव में आनंद और उमंग का संचार किया। प्रत्येक गतिविधि में बच्चों का उत्साह और उनकी सहभागिता आयोजन की विशेष उपलब्धि रही।कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालय के प्राचार्य श् तोरण साहू जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सर्वप्रथम सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
उन्होंने दीपावली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल दीप जलाने और खुशियाँ मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सकारात्मकता का संदेश भी देता है।विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता या गतिविधि में सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है अपना शत-प्रतिशत प्रयास करना। यदि बच्चों ने पूरी लगन, मेहनत और ईमानदारी के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, तो उन्हें परिणाम या निर्णायकों के निर्णय को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं होना चाहिए। उन्होंने समझाया कि प्रतियोगिता में जीतने से अधिक महत्त्वपूर्ण भागीदारी करना, सीखना और स्वयं को बेहतर बनाना है।दीपावली के उत्सव को लेकर उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को
समझाया कि पटाखे हमेशा बड़ों की देखरेख में और पूरी सावधानी के साथ ही जलाएँ। सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने बच्चों को यह भी प्रेरित किया कि दीपावली की खुशियाँ केवल अपने परिवार तक सीमित न रखें, बल्कि आसपास के लोगों के साथ मिल-बाँटकर मनाएँ। जरूरतमंदों की सहायता करें, दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाएँ और अपनी खुशियों में सभी को सहभागी बनाएँ।तत्पश्चात अकादमिक प्रमुख श्रीमती व्ही. शोभा जी ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, मेहनत और उत्साह की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर अपनी रुचियों और क्षमताओं को पहचानने का अवसर प्रदान करते हैं। अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी
विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है। ऐसे सांस्कृतिक एवं रचनात्मक आयोजन बच्चों में भारतीय संस्कारों, सामाजिक समरसता और जीवनोपयोगी कौशलों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

