कवर्धा: बच्चों का बचपन सुरक्षित हो, उनके अधिकार संरक्षित रहें और वे भयमुक्त वातावरण में अपने सपनों को साकार कर सकें, इसी संकल्प के साथ अभ्युदय स्कूल, कवर्धा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कबीरधाम द्वारा सोमवार, 02 नवंबर 2026 को ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act, 2012) पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बाल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act, 2012) के प्रावधानों, उनके अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण की जानकारी देना था। साथ ही बच्चों को अच्छे-बुरे स्पर्श की पहचान, अनुचित व्यवहार के प्रति सजगता, अपनी बात निडर होकर साझा करने तथा किसी भी असहज परिस्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने के लिए जागरूक करना भी कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा।कार्यक्रम में पधारे विशिष्ट न्यायिक अतिथियों का विद्यालय की ओर से आत्मीय स्वागत एवं तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया।इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कबीरधाम श्रीमती संघरत्ना भटपहरी जी , मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कबीरधाम कु. रूपल अग्रवाल जी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमन तिग्गा जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य तोरण साहू जी, अकादमिक प्रमुख श्रीमती व्ही. शोभा जी, उपप्राचार्य फजलूर रहमान खान जी, प्रशासक कुलदीप रजक जी, प्राथमिक समन्वयक श्रीमती रीता सिंह जी सहित समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ श्रीमती रीता सिंह जी ने स्वागत संबोधन देते हुए अतिथियों का अभिनंदन किया तथा
‘सुरक्षित बचपन अभियान’ की प्रासंगिकता एवं पॉक्सो अधिनियम, 2012 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों के प्रति परिवार, विद्यालय एवं समाज को संवेदनशील बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।तत्पश्चात विद्यालय के प्राचार्य तोरण साहू जी ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए विद्यार्थियों को कानून और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ कानून, नीतियों और सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ होना भी बेहद आवश्यक है। एक जागरूक युवा ही न केवल अपने अधिकारों को पहचान सकता है, बल्कि दूसरों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने इस प्रकार के लीगल अवेयरनेस कैंपेन को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि आज के कार्यक्रम से विद्यार्थियों को अनेक ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ और जीवनोपयोगी सीख प्राप्त हुई हैं, जिन्हें केवल सुनने तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन में भी अपनाना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी इस कार्यक्रम से मिली सीख को अपने व्यवहार में उतारेंगे और एक जागरूक, जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक के रूप में समाज में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएँगे।तदुपरांत मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती संघरत्ना भटपहरी जी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को बाल संरक्षण, कानूनी अधिकारों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण
जानकारियाँ दीं। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए विभिन्न कानून बनाए गए हैं। उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के बारे में समझाते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा कानून का उल्लंघन किए जाने की स्थिति में उनके साथ विशेष कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है।इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों को Good Touch और Bad Touch के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी अजनबी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। यदि किसी बच्चे के साथ कोई अनुचित घटना होती है, तो उसे डरने या चुप रहने के बजाय अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी अवश्य देनी चाहिए। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखी जाती है तथा न्यायिक प्रक्रिया को बाल हितैषी बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में महिला अधिकारियों की नियुक्ति को भी प्राथमिकता दी जाती है, ताकि पीड़ित बच्चा सहजता से अपनी बात रख सके। उन्होंने त्वरित सुनवाई और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के प्रयासों की भी जानकारी दी।इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को मोटर वाहन एवं यातायात नियमों का पालन करने, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का सम्मान करने तथा साइबर अपराध और साइबर बुलिंग के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वनों की अवैध कटाई एवं वन्यजीवों के शिकार को अपराध बताया और विद्यार्थियों से कचरा हमेशा कूड़ेदान में डालने तथा प्रत्येक जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उनका संबोधन विद्यार्थियों के लिए केवल कानूनी जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुरक्षित जीवन, जिम्मेदार नागरिकता,
सामाजिक संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक सीख भी प्रदान करने वाला रहा।इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमन तिग्गा जी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने और अपने आसपास घटित होने वाली घटनाओं के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उदाहरण के माध्यम से समझाया कि किसी दूसरे व्यक्ति की वस्तु, चाहे वह आईफोन जैसी महँगी चीज ही क्यों न हो, बिना अनुमति लेना भी अपराध की श्रेणी में आता है और इसके लिए कानून में दंड का प्रावधान है। उन्होंने विद्यार्थियों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन न चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी।उन्होंने साइबर अपराध एवं साइबर बुलिंग के प्रति विशेष सावधानी बरतने की बात कही। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जागरूक करते हुए उन्होंने कम उम्र में सोशल मीडिया अकाउंट बनाने से बचने तथा अपनी निजी तस्वीरें एवं व्यक्तिगत जानकारियाँ सार्वजनिक न करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने चाइल्ड
हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं बाल कल्याण से संबंधित सहायता सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी कठिन परिस्थिति में बच्चे इन माध्यमों से मदद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का संरक्षण उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनका संदेश “आपकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है” विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से
प्रेरणादायक रहा।विद्यालय की अकादमिक प्रमुख श्रीमती व्ही. शोभा जी ने अपने संदेश में अतिथियों द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों के प्रति जागरूक, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार बनाना भी है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।साथ ही साथ विद्यालय प्रबंधन ने इस सार्थक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की जानकारी और कानूनी जागरूकता आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इस दिशा में अभ्युदय स्कूल द्वारा किए गए प्रयास
सराहनीय हैं। प्रबंधन ने कार्यक्रम में अपना बहुमूल्य समय देने तथा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए सभी न्यायिक अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की ओर से सभी विशिष्ट अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।इसके बाद श्रीमती रीता सिंह जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

