कवर्धा। बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अभ्युदय स्कूल, कवर्धा में 4 अगस्त 2026 को पॉक्सो (Protection of Children from Sexual Offences) अधिनियम-2012 पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा और अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अधिवक्ता श्री शेखर बख्शी उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य श्री तोरण साहू ने की। इस दौरान उप प्राचार्य फजलूर रहमान खान, अकादमिक प्रमुख श्रीमती व्ही. शोभा, शिक्षकगण और विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के पौधा भेंट कर स्वागत से हुई। इसके बाद पॉक्सो अधिनियम-2012 को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि श्री शेखर बख्शी ने विद्यार्थियों को बताया कि पॉक्सो कानून 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुचित स्पर्श, आपत्तिजनक व्यवहार, अश्लील सामग्री दिखाने और ऑनलाइन माध्यम से परेशान किए जाने जैसी परिस्थितियों में चुप न रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल माता-पिता, शिक्षक, विद्यालय प्रबंधन या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को देनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस और संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं की सहायता भी ली जा सकती है। उन्होंने बच्चों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतने तथा अनजान लोगों, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन गतिविधियों से सतर्क रहने के लिए भी जागरूक किया।
मुख्य अतिथि ने यह भी बताया कि पॉक्सो कानून के तहत बच्चों की पहचान की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाता है और बाल हितैषी तरीके से उनकी बात सुनी जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से जागरूक रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समय पर दी गई सही जानकारी बच्चों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों से जिम्मेदार नागरिक बनने का किया आह्वान
विद्यालय के प्राचार्य तोरण साहू ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव में कई बार लोग अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े उपायों को नहीं समझ पाते। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा और सम्मान का आदर करने, समानता की भावना रखने और नैतिक मूल्यों का पालन करने की अपील की।
अकादमिक प्रमुख व्ही. शोभा ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, संवेदनशील और सशक्त वातावरण उपलब्ध कराना भी है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, सजगता और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि अभ्युदय स्कूल विद्यार्थियों की सुरक्षा, गरिमा और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने में मदद करेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि शेखर बख्शी को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई गई।
