कवर्धा, 14 जून: कवर्धा विधानसभा के पूर्व विधायक एवं गोंड समाज सेवा समिति के पूर्व अध्यक्ष राजा योगेश्वर राज सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। गोंड समाज सेवा समिति कबीरधाम के वर्तमान जिला अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से खुलासा किया है कि पूर्व अध्यक्ष एवं उनके साथियों ने समाज की लाखों रुपये की सामाजिक राशि में हेराफेरी की है।
आरोपों के घेरे में केवल राजा योगेश्वर राज ही नहीं, बल्कि समिति के पूर्व महासचिव संतोष धुर्वे और पूर्व कोषाध्यक्ष पूरन सिंह भी शामिल हैं। वर्तमान पदाधिकारियों के अनुसार, इन लोगों ने समाज की आय-व्यय का कोई स्पष्ट और प्रमाणिक विवरण नहीं दिया है, जिससे समाज में भारी आक्रोश फैल गया है।
विरोध में समाज का बायकॉट।
पूर्व पदाधिकारियों द्वारा 15 जून को कवर्धा में आयोजित की जा रही महासभा को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है। वर्तमान जिला अध्यक्ष समेत समाज के लगभग 900 लोगों ने इस आयोजन का बायकॉट करने का निर्णय लिया है और इस बाबत कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। उनका कहना है कि यह महासभा केवल समाज की राशि के गबन पर पर्दा डालने की एक कोशिश है।
गोंड समाज के कई प्रबुद्धजनों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह पूरे समाज की गरिमा और एकता के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं, अब समाजिक स्तर पर यह मांग उठ रही है कि पूर्व पदाधिकारियों का आय-व्यय का ऑडिट कराया जाए और यदि दोष सिद्ध हो, तो उन पर कानूनी कार्रवाई हो।
प्रशासन की भूमिका अहम।
इस पूरे मामले में अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह समाज के भीतर उठ रही आवाज को कितनी गंभीरता से लेता है और इस मामले में निष्पक्ष जांच कराता है या नहीं।
















