कवर्धा। सर्व यादव समाज की जिला कार्यकारिणी का चुनाव सर्वसम्मति से संपन्न हुआ। बैठक में सामाजिक एकता और संगठनात्मक मजबूती पर सहमति बनाते हुए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। चुनाव प्रक्रिया में पीपरमाटी निवासी ओम यदु को सर्वसम्मति से जिला अध्यक्ष चुना गया। वहीं महासचिव के रूप में रोहित यादव, कोषाध्यक्ष पवन यादव, सचिव पद पर कनस यादव का चयन किया गया।
पूरी चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश स्तर से पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इनमें सरगुजा संभागीय अध्यक्ष देवनारायण यादव, राजनांदगांव उपाध्यक्ष हरिश यादव, मुंगेली समाज प्रमुख देवीशंकर यादव, लोरमी से प्रसादी यादव शामिल रहे। पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में चुनाव शांतिपूर्ण और सर्वसम्मति से संपन्न हुआ। बैठक के दौरान देवीशंकर यादव ने समाज के विभिन्न घटकों से एक नाम पर सहमति बनाने की अपील की। जिसके बाद समाज प्रमुखों मंे झेरिया से धनी यादव, कोसरिया से राकेश यदु, देशहा से जीवन यादव, दुधकौरा से बरन यादव, ठेठवार से नीलम, ग्वाल से हिरामणी, बरगाह से अतुल, कनौजिया कौराई से पालेश सहित सभी वर्गों के प्रतिनिधियों ने चर्चा के बाद ओम यदु के नाम पर अंतिम सहमति बनी।
सप्ताह भर में कार्यकारिणी का विस्तार
नव निर्वाचित अध्यक्ष ओम यदु ने कहा कि समाज द्वारा उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका वे पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर संगठन को मजबूत बनाया जाएगा और सामाजिक हितों के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा। बताया कि एक सप्ताह के भीतर पूरी कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा, जिसमें युवाओं की अलग टीम भी गठित की जाएगी। कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष राकेश यदु, पवन यदु, प्रकाश यादव, पूर्व पार्षद संतोष यादव, टिब्लू यादव, चंद्रेश, गोलू यादव, नीलम यदु, विजय यादव, संजय यादव, प्रेम यदु, धनी यादव, तुलसी यादव, संजय यादव, अश्वनी यादव सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कानूनी कार्रवाई पर नाराजगी
बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। समाज के कुछ सदस्यों पर तस्करी के लगे आरोपों और कानूनी कार्रवाई को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई। सदस्यों ने आरोप लगाया कि समाज के लोगों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। इस विषय पर आगामी बैठक में विस्तृत रणनीति तय करने पर सहमति बनी।
राजनीतिक मुद्दाें पर हुई
साथ ही राजनीतिक दलों में यादव समाज के प्रतिनिधित्व को अपेक्षित स्थान नहीं मिल रहा है। इस पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया और निर्णय लिया गया कि सभी मुद्दों पर आगामी बैठक में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ समाज में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ने और युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
