केते के 1742 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि को लेकर सरकार को चेतावनी
कबीरधाम।
छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष के. आर. शाह सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर कबीरधाम पहुंचे। शहर के लोहारा बायपास रोड में सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात उन्होंने महारानी रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर विधिवत पूजा-अर्चना व माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया।
अपने प्रवास के दौरान विश्राम गृह, कवर्धा में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में संगठन के विस्तार की घोषणा करते हुए युवा नेतृत्व को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अवसर पर
कामू बैगा को प्रदेश अध्यक्ष (युवा प्रभाग),
मोहित धुर्वे को जिला अध्यक्ष (युवा प्रभाग)
एवं नरेंद्र धुर्वे को जिला अध्यक्ष के पद पर विधिवत मनोनीत किया गया।
केते के जंगल को लेकर सरकार को चेतावनी
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष के. आर. शाह ने बताया कि हसदेव अरण्य से लगे केते क्षेत्र के 1742 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि को सामान्य वन भूमि में परिवर्तित करना अत्यंत गंभीर विषय है। इस निर्णय के विरोध में
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कबीरधाम कलेक्टर को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है।
शाह ने साफ कहा कि यदि शासन इस निर्णय को वापस लेकर 1742 हेक्टेयर भूमि को पुनः संरक्षित वन घोषित नहीं करता, तो संगठन न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को बाध्य होगा।
प्रदेशभर में होगा संगठन का विस्तार
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष (युवा प्रभाग) कामू बैगा ने कहा कि जल्द ही पूरे प्रदेश में संगठन का विस्तार किया जाएगा और छत्तीसगढ़ की जनता से केते के जंगल को बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की।
उन्होंने कहा—
“1742 हेक्टेयर जंगल केवल पेड़ नहीं, आदिवासी अस्तित्व और छत्तीसगढ़ की सुरक्षा का प्रतीक है।”
सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रेसवार्ता में
रोशनी मेरावी, सुशील धुर्वे, चंदन सिंह धुर्वे, गणेश धुर्वे, साहिल मरकाम, गोविंद धुर्वे, हेमलाल मरकाम, मनीष यादव, सुरेश धुर्वे, राजू सिंह पवार, ओमकार सिंह सिंद्राम, उत्तम नेताम, रामभरोसा, लक्ष्मण, राममोहन सहित सैकड़ों की संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


