महोत्सव में गोंडी, करमा, सुआ एवं पंथी जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। रंग-बिरंगे परिधानों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर कलाकारों ने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक परंपराओं को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया।
👉 प्रथम पुरस्कार (₹10,000) – डॉ. नितेश जायसवाल द्वारा निधि एवं निलेश डांस ग्रुप को प्रदान किया गया।
👉 द्वितीय पुरस्कार (₹7,000) – मुकेश कुंभकार द्वारा श्रद्धा डांस ग्रुप को दिया गया।
👉 तृतीय पुरस्कार (₹5,000) – जनपद सदस्य राजकुमार नेताम द्वारा नरसिंह देव डांस ग्रुप को प्रदान किया गया।
👉 चतुर्थ पुरस्कार (₹3,000) – यशवंत श्रीवास एवं अभय मरावी द्वारा आदिवासी डांस ग्रुप को दिया गया।

बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
