कवर्धा: अपनी उपलब्धियों के लिए विख्यात शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान अभ्युदय स्कूल परिवार के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है कि विद्यालय की पूर्व छात्रा सिमरप्रीत कौर ने अपने अदम्य साहस, कठोर परिश्रम और अटूट संकल्प के बल पर मात्र 25 वर्ष की आयु में, अपने पहले ही प्रयास में छत्तीसगढ़ सिविल जज परीक्षा में 11वीं रैंक प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम की है।सिमरप्रीत की सफलता की कहानी और भी प्रेरणादायक इसलिए है क्योंकि वे अपनी विद्यालयीन शिक्षा के दौरान प्रतिदिन लगभग 35 किलोमीटर दूर पंडरिया से विद्यालय आना-जाना करती थीं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर समर्पित रहीं। उनकी यह उपलब्धि आज हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।अपनी सफलता पर सिमरप्रीत कौर ने
कहा कि अभ्युदय स्कूल ने उनकी सफलता की यात्रा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि यहाँ पढ़ने वाले सभी विद्यार्थी वास्तव में खुशनसीब हैं और इस विद्यालय का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। यहाँ केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की शिक्षा भी दी जाती है, जिससे विद्यार्थियों का संपूर्ण व्यक्तित्व विकास होता है।विद्यालय की मजबूत शैक्षणिक नींव, शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन और अनुशासित वातावरण ने उन्हें अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने में
सहायता की। उन्होंने अपने सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल शिक्षा दी, बल्कि जीवन जीने का सही मार्ग भी दिखाया। “The best can be better ” जैसे प्रेरणादायक विचार को अपनाते हुए उन्होंने हमेशा स्वयं को और बेहतर बनाने का प्रयास किया।साथ ही उन्होंने अभिभावकों को संदेश देते हुए कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई विशेषता अवश्य होती है, इसलिए उसकी किसी से तुलना नहीं करनी चाहिए, बल्कि उसे अपनी प्रतिभा को पहचानने और निखारने का अवसर देना चाहिए।इस गौरवपूर्ण अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य तोरण साहू जी ने सिमरप्रीत कौर को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह अभूतपूर्व सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सिमरप्रीत कौर ने अपने समर्पण, अनुशासन और
अथक परिश्रम से यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, आत्मविश्वास दृढ़ हो और प्रयास सच्चे हों, तो कोई भी दूरी या कठिनाई सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद उनका निरंतर प्रयास वास्तव में सराहनीय और प्रेरणादायक है।”साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिमरप्रीत भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहेंगी और अपने परिवार, विद्यालय एवं समाज का नाम गौरवान्वित करेंगी।तत्पश्चात अकादमिक प्रमुख श्रीमती व्ही. शोभा जी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सिमरप्रीत प्रारंभ से ही एक अनुशासित, परिश्रमी और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्रा रही हैं। उनकी यह
सफलता उनके निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का परिणाम है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि सही दिशा और दृढ़ इच्छाशक्ति से हर सपना साकार किया जा सकता है। हमें उन पर अत्यंत गर्व है।साथ ही विद्यालय प्रबंधन ने भी शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सिमरप्रीत कौर की यह उपलब्धि अभ्युदय स्कूल के मूल्यों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्कारों की सच्ची पहचान है। यह सफलता न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। हम उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं और आशा करते हैं कि वे न्यायपालिका में उत्कृष्ट कार्य कर समाज को नई दिशा प्रदान करेंगी।निस्संदेह, सिमरप्रीत कौर की यह सफलता हर उस विद्यार्थी के लिए प्रेरणा है, जो कठिनाइयों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखता है।
