छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में पिछले 4 महीनों से मजदूरों की मजदूरी का भुगतान लंबित है तथा 2 से 3 महीनों से निर्माण कार्यों में लगी सामग्री का भुगतान भी रोका गया है। इससे पंचायतों के विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे है।

अमन वर्मा उपसरपंच ग्राम पंचायत बद्दो ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह सरकार गरीब, मजदूर और ग्रामीणों के हितों के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। मजदूर दिन-रात मेहनत कर गांव के विकास में योगदान दे रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत की कमाई को महीनों तक रोक कर रखना सरकार की विफलता और गलत नीतियों का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल झूठे वादे और विज्ञापन में व्यस्त है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि मजदूर अपने ही पैसे के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़ गए हैं, लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है।

अमन वर्मा ने तीखा सवाल करते हुए कहा किक्या भाजपा सरकार मजदूरों का हक छीनकर उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर करना चाहती है?क्या यही है भाजपा का ग्रामीण विकास मॉडल, जहां मजदूरों को महीनों तक उनका मेहनताना नहीं दिया जाता?

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तत्काल मजदूरी एवं सामग्री का लंबित भुगतान जारी नहीं किया गया, तो मजदूरों और ग्रामीणों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। मजदूरों के अधिकारों के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी और भाजपा सरकार को जवाब देना ही होगा।
