चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज, कवर्धा (युवा प्रकोष्ठ) द्वारा महान राष्ट्रनायक एवं वीर योद्धा कुर्मी कूल शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जन्म जयंती के पावन अवसर पर भव्य मोटरसाइकिल रैली का सफल आयोजन किया गया।
इस आयोजन में नगर सहित सभी सात उपक्षेत्रों बिरकोना, लखनपुर, मोहतरा, खरहट्टा, पलानसरी, अमलीडीह, झलमला से बड़ी संख्या में युवाओं, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मोटरसाइकिल रैली सिग्नल चौक स्थित कुर्मी क्षत्रिय छात्रावास से प्रारंभ हुआ एवं नगर के प्रमुख मार्गों से होकर क्षत्रपति शिवाजी चौक पहुँचा। रैली के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एकता एवं अनुशासन का संदेश दिया गया।
रैली प्रारंभ होने के पूर्व कुर्मी क्षत्रिय छात्रावास में सामाजिक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ता संदीप चंद्रवंशी ने शिवाजी महाराज के जीवन परिचय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। वे माता जीजाबाई के संस्कारों एवं गुरु समर्थ रामदास के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर एक महान योद्धा, कुशल प्रशासक और दूरदर्शी शासक बने। उन्होंने स्वराज्य की स्थापना कर प्रजा के हित में न्यायपूर्ण शासन व्यवस्था की।
इसके पश्चात युवा अध्यक्ष विरेन्द्र चंद्रवंशी ने शिवाजी महाराज के हिंदुत्व, संस्कृति एवं धर्मरक्षा के लिए किए गए योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने सनातन संस्कृति, धार्मिक स्वतंत्रता, मंदिरों की रक्षा एवं सामाजिक समरसता को सदैव प्राथमिकता दी। उनके आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र और समाज के प्रति कर्तव्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिवाजी महाराज के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
युवा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, प्रशासन एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रैली में दिनेश चंद्रवंशी पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि, चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी नगर पालिका अध्यक्ष, सचिव कैलाश चंद्रवंशी, विनोद चंद्रवंशी, दीनानाथ चंद्रवंशी, लेखु बाबा जी, सन्दीप, योगेंद्र, कैलाश, सुरेंद्र, सुदर्शन, रोमन, नरेन्द्र, गोविंद, उत्तम, संजू, नीलमणि, विजय, टेकसिंह, मनोज, सोनू, मनोहर, गोलू, विनय, देवा, विश्वनाथ, कुमार, बसना, उत्तम, सूर्या, देवी, तोरण, शेखर, सावन, प्रदीप, केशव, संजय, सुरेंद्र, अमित, शेषनारायण, ओमकार, अभिषेक, योगेश, कपिल, देवेंद्र, बृजेश, डोमन, महेंद्र, गोपाल, आदित्य, राजू,सुंदर, हरीश, उकेश, कमलेश, बद्री, रवि, सहित अधिक संख्या में चंद्रनाहू कुर्मी समाज के व्यक्ति उपस्थित थे।













