कवर्धा – विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित, नगर के कोलाहल से दूर संस्कारक्षम वातावरण में स्थित अभ्युदय स्कूल में दिनांक 14.02.2026, शनिवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई.) के तत्वावधान में “Promoting Mental Health and Wellness”विषय पर एक दिवसीय रोचक एवं प्रभावशाली कार्यशाला का आयोजन किया गया।सी.बी.एस.ई. द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ श्री जी.वी.डी. कृष्णा मूर्ति,अंबुजा विद्यापीठ बलौदा बाजार एवं श्रीमती अनिता छेत्री राठी, कृष्णा पब्लिक स्कूल नेहरू नगर भिलाई के कुशल मार्गदर्शन में यह कार्यशाला अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं तिलक अर्पण के साथ हुआ, जिससे समूचा वातावरण ज्ञान, शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से अनुप्राणित हो उठा।

कार्यशाला के दौरान मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव के विभिन्न आयामों पर सूक्ष्म एवं विश्लेषणात्मक दृष्टि डाली गई। प्रशिक्षण सत्र में तनाव प्रबंधन की प्रभावी तकनीकें, सकारात्मक चिंतन, आत्म-देखभाल, समय प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, स्वानुशासन, योग एवं ध्यान की उपयोगिता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। चिंता, अवसाद, भय, ओवर थिंकिंग जैसे समकालीन ज्वलंत विषयों को वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक आधार पर परिभाषित करते हुए उनके समाधान के व्यावहारिक उपाय प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संतुलित मानसिक अवस्था न केवल बौद्धिक क्षमता को सुदृढ़ करती है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य, कार्यक्षमता एवं निर्णय क्षमता को भी प्रभावी बनाती है।
विशेषज्ञों ने बताया कि स्वानुशासन, सकारात्मक चिंतन, समय प्रबंधन, नियमित योग एवं ध्यान जैसी गतिविधियाँ मानसिक दृढ़ता को विकसित करती हैं, जिससे व्यक्ति तनाव को ऊर्जा में रूपांतरित कर सकता है। उन्होंने यह भी प्रतिपादित किया कि सशक्त मानसिक क्षमता ही शारीरिक स्फूर्ति, कार्यनिष्ठा और दीर्घकालिक सफलता का आधार है।

इस कार्यशाला में मेजबान विद्यालय के साथ नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गुरुकुल पब्लिक स्कूल, होली किंग्डम पब्लिक स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रतिभागियों की भाव-भंगिमा एवं उत्साह यह दर्शा रहे थे कि वे विषय की गहनता को आत्मसात कर उसे अपने शैक्षणिक जीवन में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री तोरण साहू ने अपने उद्बोधन में कहा -“स्वस्थ मन ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। शिक्षा केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं, बल्कि मानसिक एवं भावनात्मक सशक्तिकरण के माध्यम से ही विद्यार्थियों का वास्तविक विकास संभव है।”
उन्होंने संतुलित जीवनशैली अपनाने, संयम एवं सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की प्रेरणा दी। विद्यालय के एकेडमिक हेड श्रीमती व्ही. शोभा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा—
“मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता ही शैक्षणिक उत्कृष्टता का आधार है। जब मन सशक्त होता है, तभी व्यक्तित्व का समग्र विकास संभव होता है। संयम ही तनाव रूपी संकट का ब्रह्मास्त्र है।

समापन अवसर पर प्राचार्य एवं एकेडमिक हेड द्वारा दोनों रिसोर्स पर्सन को स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।यह कार्यशाला न केवल शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई, बल्कि मानसिक दृढ़ता और शारीरिक क्षमता के समन्वित विकास की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल भी सिद्ध हुई। गौरतलब है कि अभ्युदय प्रबंधन समिति सदैव ऐसे शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यक्रमों के आयोजन हेतु सतत प्रयत्नशील रहती है, जिनके माध्यम से शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। समिति का विश्वास है कि प्रशिक्षित, जागरूक एवं संवेदनशील शिक्षक ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की सशक्त आधारशिला होते हैं।
इसी उद्देश्य से विभिन्न विषयगत कार्यशालाओं, उन्नयन प्रशिक्षण सत्रों तथा विशेषज्ञ मार्गदर्शन कार्यक्रमों का आयोजन सुनियोजित ढंग से किया जाता है, ताकि शिक्षक नवीन शिक्षण विधियों, मनोवैज्ञानिक समझ एवं समसामयिक शैक्षिक आवश्यकताओं से निरंतर अद्यतन रह सकें और विद्यार्थियों के बौद्धिक, भावनात्मक तथा नैतिक विकास में प्रभावी योगदान दे सकें।













