कवर्धा – जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देशानुसार एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम द्वारा कबीरधाम जिले के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में जाकर बाल विवाह की रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस क्रम में ग्रेसियस कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं ग्रेसियस कॉलेज ऑफ फार्मेसी कवर्धा, श्री रामकृष्णा पब्लिक स्कूल कवर्धा, ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल बिरकोना, DAV MPS स्कूल धर्मपुरा, अशोका पब्लिक स्कूल कवर्धा, डिवाइन पब्लिक स्कूल पंडातराई एवं सरदार पब्लिक स्कूल कुंडा में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने का संकल्प दिलाया गया। साथ ही ऑनलाइन लिंक एवं QR कोड के माध्यम से बाल विवाह मुक्त भारत की ऑनलाइन शपथ दिलाई गई, जिसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। इस पहल में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

टीम द्वारा बताया गया कि भारत में बाल विवाह पर पहला कानून वर्ष 1929 में पारित किया गया था, जिसे बाल विवाह निरोधक अधिनियम (शारदा अधिनियम) कहा जाता था। वर्तमान में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। कम उम्र में विवाह कराए जाने पर 2 वर्ष की कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

इसके साथ ही जानकारी दी गई कि शासन द्वारा 17 जनवरी 2025 से ग्राम पंचायत सचिव को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा प्रत्येक पंचायत में विवाह पंजीयन रजिस्टर का संधारण अनिवार्य किया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 अक्टूबर 2024 के निर्णय में भी बाल विवाह को बच्चों के प्रति क्रूरता की श्रेणी में रखा गया है। किसी भी प्रकार के बाल विवाह की सूचना तत्काल पंचायत सचिव, संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं 181 पर दी जा सकती है।
इस जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम में नर्सिंग कॉलेज के डायरेक्टर सी.जी. सैमुअल, जया सोने (हेड ऑफ डिपार्टमेंट, नर्सिंग), स्वाती दुबे (प्राचार्य, ग्रेसियस कॉलेज ऑफ फार्मेसी), श्रीमती एम. शारदा (प्राचार्य, रामकृष्णा पब्लिक स्कूल), श्री गजाधर साहू (प्राचार्य, DAV MPS स्कूल), संजय श्रीवास्तव (प्राचार्य, ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल), पवन देवगन (डायरेक्टर), सोहन लाल (प्राचार्य, अशोका पब्लिक स्कूल), अविनाश सिंह ठाकुर (परामर्शदाता), विनय कुमार जघेल एवं प्रिंसी गुप्ता (आउटरीच वर्कर, मिशन वात्सल्य), धनसाय साहू (वित्तीय सहायता समन्वयक) सहित महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।


