सिंघनपुरी/कवर्धा– स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व श्री रामकृष्ण पब्लिक स्कूल में देशभक्ति गीत प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। विद्यालय प्रागंण तिरंगे के रंगों से सजा था और चारों ओर देश प्रेम का उत्साह बिखरा हुआ था। सभी की आँखों में देश प्रेम की चमक झलक रही थी। सर्वप्रथम विद्यालय के चारों सदन संस्कार, रीति, परंपरा और संस्कृति के कक्षा छठवीं से आठवीं तदुपरांत कक्षा नवमीं से बारहवीं के प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति प्रदान की।

एक-एक कर मंच पर बच्चों की मधुर आवाज़े गूँजने लगी। ऐ वतन की भावपूर्ण प्रस्तुति ने सभी की आँखे नम कर दी। ओ तेरी मिट्टी की ओजपूर्ण धुन ने पूरा वातावरण गर्व से भर दिया। देश रंगीला-रंगीला जैसे गीेतों ने दिलों में देश प्रेम की लहर दौड़ा दी। जय हो और देश रंगीला पर प्रस्तुत समूह गायन ने तालियों की गूँज को और तेज कर दिया। वहीं हाईस्कूल वर्ग से मेरा करमा तू की प्रस्तुति पर सभी बच्चे करताल बजाने विवशी हो गए, कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कक्षा पहलीं से 5वीं तक चारों सदन के भी बच्चों ने एक से बढ़कर एक गीत जैसे ‘‘मेरा मुल्क मेरा देश, दे दी हमें आजादी, मेरा रंग दे बसंती चोला, ये आन तिरंगा है, जिंदगीं और जंग पर जूझते सैनिकों के प्रति संदेशे आते है की भी प्रस्तुति दी गई।

उक्त प्रतियोगिता में कक्षा पहलीं से दूसरी वर्ग में संस्कार सदन, कक्षा 3रीं से 5वीं वर्ग में भी संस्कार सदन, कक्षा 6वीं से 8वीं वर्ग में परंपरा सदन, कक्षा 9वीं से 12वीं में संस्कार सदन विजयी रहे। विजयी सदन के बच्चों को 15 अगस्त के मुख्य कार्यक्रम में पुनः प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जायेगा। विद्यालय की प्राचार्या एम. शारदा ने अपने संबोधन में कहा ‘देशभक्ति केवल गीतों या नारों तक सीमित नहीं है, यह हर दिन कुछ अच्छा करों की प्रेरणा है।‘ विद्यालय के प्रबंधन समिति प्रमुख डाॅ. आदित्य चन्द्रवंशी ने स्वतंत्रता के 79वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर आयोजित इस अविस्मरणीय प्रस्तुति की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए सभी को आजादी के पावन पर्व की बधाईयां दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम बच्चों के चेहरों पर वही आत्मविश्वास और जोश जो आजादी के सच्चे मायने समझने वालों में होता है। यह केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने सभी के दिलों में देशभक्ति की लौ और प्रखर कर दी। उक्त कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन परंपरा सदन के शिक्षक/शिक्षिकाओं के द्वारा, सदन प्रमुख कु. नंदिनी पटेल के सान्निध्य में हुआ।


